Breakup से कैसे उभरे ? टूटे दिल के घाव भरे आयुर्वेदिक जीवन शैली संग

नमस्ते दोस्तों। मैं हूँ डॉक्टर प्रिया और आज मैं आपसे बात करने वाली हूँ एक अनोखे विषय पर।
आजकल Heart-attack एक आम समस्या हो गई है। इसी तरह दिल तोड़ने वाली घटनाये और ब्रेकअप (relationship breakup) आम हो गया हैं।

आज की पीढ़ी को हर चीज़ फटा-फट निपटानी है, खाने में फ़ास्ट फ़ूड, स्पोर्ट्स में ट्वेंटी-ट्वेंटी (T20-T20), रोड पे तेज़ भागती गाड़िया आदि। आजकल के relationship तो इतना फ़ास्ट forward होगये है की शुरू – ‘फेसबुक’ या ‘सोशल साइट’ के “Add Friend” Request से होता है और अगले दो महीने में उसी फ्रेंड को “ब्लॉक” करके खत्म भी होजाता है।

इसीलिए कई बच्चे युवा टूटे दिल के साथ दु:खी रहते है। जिस से वह उभर नहीं पाते। आज उसी ब्रेकअप से उभरने के कुछ आयुर्वेदिक तरीके शेयर है।
Overcome Your Breakup With Ayurveda Lifestyle:

ब्रेकअप (Breakup) के बारे में क्या कहती है स्टडी?

आप शायद ये बात सुनके चौंक गए होंगे पर यकीन मानिये प्रेमपूर्ण संबंध टूटने के कारण कई बार लोगो के जीना की इच्छा ही ख़तम हो जाती है।

एक अध्ययन के अनुसार रोमांटिक संबंध समाप्त होने के बाद,

  • 12% ने मध्यम से गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) की सूचना दी।
  • 40% लोगों ने क्लीनिकल ​​​​अवसाद (डिप्रेशन) का अनुभव किया।

इस मानसिक स्थिति को लोग भले ही नजरअंदाज करते रहे, पर आयुर्वेदा में इसके गंभीरता का कई बार जिक्र किया गया है। 

Breakup stress depression

टूटे हुए दिल पर काबू पाना आसान नहीं है। ब्रेकअप के बाद, लोग तबाह हो जाते है, और लंबे समय तक उनपर तनाव के बादल मंडराते रहते है। ऐसे हालत में अपने सैयम को बरकरार रखने और अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार न होने के लिए आप आयुर्वेदिक जीवन शैली को अपना सकते है 

Breakup के लिएअद्भुत और ऐतिहासिक ज्ञान!

याद रखें- आयुर्वेद, समस्या का सामना करने और अपने दिल के दर्द से मुकाबला करने को प्रोत्साहन देता है। ऐसा करके ही आप आपकी “Healing Journey” की शुरुवात कर सकते है।

ब्रेकअप (Breakup) के बाद सारे दोष जटिल हो जाते हैं। लेकिन आयुर्वेद संतुलन वापस पाने में मदद कर सकता है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण में Healing का पहला कदम हैं– जो हुआ है उस परिस्थिति को समझे, अपनाये और डट कर सामना करे।

ध्यान और योग मजबूत उपकरण के रूप में आपकी मदद करेंगे।

साधक पित्त का प्रयास करे

आयुर्वेद में, पित्त का एक पहलू या उपदोष है, जिसे साधक पित्त कहा जाता है, जो दिल और दिमाग के बीच संचार को नियंत्रित करता है। साधक पित्त में “हृदय”, मन से अपनी भावनाओं को सुनने के लिए कहता है। (1)

दिल कह रहा है, अब मेरे लिए शासन करने और इस शरीर-रूपी-रथ को चलाने का समय आ गया है; यह सोचने और चिंता करना बंद करने और महसूस करने का समय है।

जब हम ब्रेक अप  का अनुभव करते हैं, तो दर्द सहन करना बोहोत मुश्किल हो जाता है। इसलिए हम जाने अनजाने में भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाते है जिससे साधक पित्त में असंतुलन पैदा हो जाता है।

चाहे कितना भी दुःख हो, उससे कमजोर न होकर हमे खुद का संतुलन बनाये रखना है। 

साधक पित्त का प्रयास कैसे करे?
गहरा श्वसन और ध्यान साधक पित्त को संतुलित करने में मदत करते है। इसी के साथ आप प्रकृति में समय बिताना, ध्वनि चिकित्सा, कला और डायरी लिखना चालू कर सकते है। आख़िरकार भावनात्मक स्वतंत्रता (इमोशनल फ्रीडम) और आत्म प्रेम से ही आप बेहतर महसूस कर पाएंगे।

अनियंत्रण खाना-खाने से बचे, माइंडफुल ईटिंग का अभ्यास करें

Breakup के बाद आमतौर पर हम ठूस ठूस कर खाना-खाने का सहारा लेते हैं, आधी रात को अनहेल्दी चीज़े खाना।

ब्रेकअप (Breakup) के बाद, हमारी सारी दिनचरिया में मानसिक रूप से हम उसी रिश्ते के बारे में सोच रहे होते है। जैसे चलना, दौड़ना, नहाना, पढ़ना, भोजन करना आदि के समय।
भोजन खाते वक़्त हम पेट भरने के बाद भी खाते ही रहते है।

कोई भी इससे बचा नहीं है, हम सबने अपना दर्द कम करने के लिए चॉकलेट और आइसक्रीम का सहारा लिया है। लेकिन अगर हम सचेत होकर खाना शुरू करे, तो हमे एहसास होगा कि खाना कितना पवित्र होता है।

आयुर्वेद सलाह देता है कि स्वस्थ इरादे से ही भोजन करना चाहिए। आधी रात को क्रेविंग हो तो अपने आप पे नियंत्रण रखिये। ये अनहेल्दी क्रेविंग शरीर के लिए अच्छा नहीं होता।

अपने भोजन का समय निश्चित करे और कोशिश करे के रोज़ आप उसी समय पर अपना खाना खाये। 

सही समय पर मन लगाकर खाने से, हम अपने मुंह में जाने वाले हर निवाले के बारे में अधिक जागरूक होते है और उसका सम्मान करते है। क्यों? क्योंकि स्वाद लेने और इसके हर हिस्से पर ध्यान देने का यह तरीका आपके शरीर को अधिक पोषक तत्वों से परिपूर्ण करने में मदद करता है।

जल्दी उठने की महिमा

आयुर्वेद दुनिया की सबसे पुरानी स्वास्थ्य पद्धतियों में से एक है सुबह जल्दी उठना और इसमें हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से निर्देशित करने की शक्ति है।

जल्दी उठना आयुर्वेदिक चिकित्सकों की सबसे जानी मानी और कई बीमारियों पर राम बाण इलाज के तौर पर लौकिक सलाह में से एक है। 

यदि आप देर से सोकर जल्दी उठते हो तो इससे आपको पर्याप्त नींद और आराम नहीं मिलेगा। जल्दी उठना है तो जल्दी सोना भी पड़ेगा।

याद रखे कम से कम 8 घंटे की नींद शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। 

चाहे तोह आप खुद ये करके देख सकते है देर से सोकर और देर से उठकर आपका पूरा दिन नीरस अवस्था में जाएगा।

तो दूसरी ओर जल्दी उठकर आप न केवल प्रसन्ना होंगे पर आपको व्यायाम और ध्यान करने के लिए सुबह का सर्वोत्तम वक़्त भी मिलेगा। 

जब आप अपनी दिनचर्या को सूर्य के साथ मिलाते हैं, तो यह आपकी जीवनशैली को संतुलित कर सकता है।
एक बार जब आपकी नींद का चक्र स्वस्थ हो गया, तो शरीर भी बेहतर काम करने लगेगा। 

ध्यान – पुनर्प्राप्ति का मार्ग

आयुर्वेद द्वारा सुझाए गए कुछ स्वास्थ्य नियम आपको भावनात्मक रूप से (emotionally) अधिक दृढ़ बनाकर अधिक खुशी ला सकते हैं।

ध्यान (Meditation) मन और भावनाओं के बीच समन्वय में सुधार कर सकता है और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देता है। आपके पास शांति को बाहर देखने ढूंढ़ने का कोई कारण नहीं होना चाहिए क्योंकि शांति आपके भीतर ही होनी चाहिए। 

ध्यान यात्रा के लिए यह ब्लॉग जरूर पढ़े 👆

ध्यान के साथ, यदि आप अपने मन को संतुलित कर सके तो अंतत: दिल टूटने के कारण हुए दर्द को पूरी तरह से भूल सकते है।

मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य। और जब आप सही सांस ले रहे हों तभी आप सही सोच सकते हैं। धीरे-धीरे, किसी भी तनाव से बचने और भावनात्मक संतुलन बहाल करने में सक्षम होंगे।

सुबह की दिनचर्या का पालन करें

सुबह उठकर तेज चाल या जॉगिंग मन को प्रसन्ना और शरीर को तंदरुस्त रखता है। आप हल्के कार्डियो वर्कआउट के बाद तरोताजा महसूस कर सकते है।

आयुर्वेद, असंतुलित भावनात्मक स्वास्थ्य (unstable emotional health) के आधार पर पता कर सकता है के शारीरिक रूप से भी वह व्यक्ति असंतुलित है क्योकि ये दोनों चीज़े एक दूसरे पर निर्भर करती है।

इसमें कहा गया है कि योग और व्यायाम के माध्यम से किसी के टूटे हुए दिल को ठीक करने की कुंजी है।

योग-साधना दिल टूटने से उबरने का एक शानदार तरीका है।

पर्याप्त मात्रा में आराम करें

रिश्ते का अंत आपके जीवन में तनाव और संबंधित भावनाओं की लहर लेकर आएगा। ऐसे परिस्थिति में आपको जो चाहिए था वह है ब्रेक याने आराम।

आयुर्वेद कहता है कि, आवश्यक मात्रा में आराम के बिना आप कभी भी पूरी तरह से शांत नहीं होंगे। जब आप जल्दी उठकर, अच्छी तरह से खा रहे है, व्यायाम कर रहे है और जल्दी सो रहे है तोह इस दिनचर्या से आपको बोहोत आराम मिलेगा। आपको बेहतर नींद के लिए महंगी दवाओं या थैरेपी पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। अपने टूटे हुए दिल को ठीक करने के लिए पर्याप्त आराम की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

Breakup, टूटे-हुए-दिल और उस दुःख से उभारना आसान तो नहीं पर मुमकिन जरूर है। मेरे कई पेशेंट्स ने आयुर्वेद का ये रास्ता अपनाकर अपने जीवन में वापिस खुशिया के रंग भर दिए। वो चाहते तो नशे में धुत होकर अपनी ज़िन्दगी बर्बाद भी कर सकते थे पर उन्होंने सही और गलत के फर्क को समझा।

एक बुरी घटना के वजह से अपना भविष्य और आगे की ज़िन्दगी धूल में मिलाना बिलकुल ठीक नहीं है। चाहे कितने भी नकारात्मक विचार आये खुद पे भरोसा रखिये। यह बुरा वक़्त है जो बीत जाएगा और आप वापिस खड़े हो पाएंगे नए जोश नए जस्बात के संग। 

Please follow and like us:
error987
fb-share-icon
Tweet 89

6 thoughts on “Breakup से कैसे उभरे ? टूटे दिल के घाव भरे आयुर्वेदिक जीवन शैली संग”

  1. Pingback: Overcome Your Breakup With Ayurveda Lifestyle |...

Leave a Comment